समकालीन केरल की राजनीति पर एक व्यंग्य जहां भाई प्रतिद्वंद्वी दलों के स्थानीय नेता बन जाते हैं, जिससे उनके वृद्ध और कभी गर्वित माता-पिता के लिए संकट पैदा होता है.समकालीन केरल की राजनीति पर एक व्यंग्य जहां भाई प्रतिद्वंद्वी दलों के स्थानीय नेता बन जाते हैं, जिससे उनके वृद्ध और कभी गर्वित माता-पिता के लिए संकट पैदा होता है.समकालीन केरल की राजनीति पर एक व्यंग्य जहां भाई प्रतिद्वंद्वी दलों के स्थानीय नेता बन जाते हैं, जिससे उनके वृद्ध और कभी गर्वित माता-पिता के लिए संकट पैदा होता है.